सरकारी विभागों ने दबाए विद्युत बोर्ड के 19 करोड़

हमीरपुर। आधा दर्जन सरकारी विभाग विद्युत बोर्ड के करीब 19 करोड़ रुपये पर कुंडली मार कर बैठे हैं। बोर्ड द्वारा नोटिस भेजे जाने पर भी विभाग बिलों की अदायगी नहीं कर रहे हैं। विद्युत बोर्ड बिजली के बिलों की लेनदारी के बोझ तले दबता जा रहा है। विभिन्न विभागों और अन्य उपभोक्ताओं से लेनदारी कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही है। अगस्त 2013 तक जो लेनदारी लगभग 13 करोड़ 32 लाख रुपये थी वह 30 नवंबर तक 2013 तक बढ़कर लगभग 19 करोड़ रुपये हो गई है। विद्युत बोर्ड ने अकेले आईपीएच विभाग द्वारा संचालित पेयजल और सिंचाई योजनाओं से ही लगभग 18 करोड़ 17 लाख रुपये की बकाया राशि लेनी है। इसके अलावा जिलाधीश कार्यालय का बिजली बिल भी पेंडिंग पड़ा हुआ है। जिलाधीश कार्यालय ने विद्युत बोर्ड का करीब डेढ़ वर्ष से बिजली बिल नहीं दिया है। जिलाधीश कार्यालय ने लगभग 8 लाख 16 हजार रुपये की बकाया राशि देनी है।
विद्युत बोर्ड की ओर से इन विभागों को कई बार नोटिस भेजने के बावजूद भी रिकवरी कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। विद्युत बोर्ड के इस पैसे पर कुंडली मार कर बैठे डिफॉल्टर नोटिसों के बाद भी टस से मस नहीं हो रहे हैं। बोर्ड इन डिफॉल्टरों से रिकवरी करने में बेवश नजर आ रहा है।

बाक्स : 30 नवंबर तक विभागों का बकाया
आईपीएच योजनाएं : 18 करोड़ 17 लाख रुपये
उपायुक्त कार्यालय : 8 लाख 16 हजार रुपये
राजस्व विभाग : 1 लाख 26 हजार रुपये
चिकित्सा विभाग : 5 लाख 23 हजार रुपये
आईपीएच कार्यालय : 2 लाख 47 हजार रुपये
नगर परिषद : 2 लाख रुपये
घरेलू उपभोक्ता : 22 लाख 71 हजार रुपये
व्यावसायिक उपभोक्ता : 23 लाख रुपये
लघु उद्योग : 8 लाख 73 हजार रुपये

बाक्स : रिकवरी के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं : ठाकुर
विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता आरएस ठाकुर (हमीरपुर डिविजन) का कहना है कि बोर्ड ने इस समय लगभग 19 करोड़ रुपये की लेनदारी बिजली के बिलों की सरकारी और अन्य उपभोक्ताओं से लेनी है। सबसे ज्यादा राशि आईपीएच विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की है। रिकवरी के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।

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